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एम पी जी ओ


  बहुप्राचलिक भूभौतिकीय वेधषाला

बहुप्राचलिक भूभौतिकीय वेधषाला (एम पी जी ओ) की स्थापना हिमालय में भूकंप पूर्वगामी संकेतों के अध्ययन की दिषा में, प्रथम समन्वित प्रयास है । एम पी जी ओ की स्थापना उत्तराखंड, भारत के कोपड़धार (30.53 उ0, 78.74 द0) में की गई जो हिमालय में एक प्रमुख विवर्तनिक परिसीमा, मुख्य केन्द्रीय क्षेप (एम सी टी) के एकदम दक्षिण में स्थित है ।

इस विचार की उत्पत्ति इस तथ्य से हुई कि भूकंप की वितति विरंचन की प्रावस्था के दौरान अधस्तल के विभिन्न भूभौतिकीय प्राचलों में क्षोभ होते हैं । इन परिवर्तनों के मापन तथा उनके विस्तृत अध्ययनों सेय पूर्वगामियों तथा भूकंपी प्रकियाओं के बीच के सम्भाव्य संबंध का समन्वेशण करने में सहायता मिलेगी । भूभौतिकीय मापन के क्षेत्र में अत्यधिक सुग्राही, अधुनातन प्रौद्योगिकी के विकास से, इन परिवर्तनों के प्रेक्षण तथा मापन किए जाना सम्भव है ।

एक ही स्थान पर कई प्राचलों का मानीटरन करने से न केवल पूर्वगामी अध्ययनों के लिए क्षोभों के आकलन में ही मदद मिलेगी अपितु इससे हिमालय में भूकंप पूर्वगामी सिग्नलों का एक उच्च कोटि का डाटाबेस भी उत्पन्न होगा ।
 

 
  एम पी जी ओ का संरूपण
 

 
   
 
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